Poem : प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो

कोई परिभाषा से परे आशा प्रत्याशा से परे इक हृदय में ज्वाला बन क्षीण क्षीण जलता हुआ भावनाओं के पवन से जीता और मरता हुआ संदेह और विश्वास की धाराओं से लड़ता हुआ एक पल में अल्प हो के दूजे में बढ़ता हुआ नाम क्या दूं तुझ को मैं जब खुद को ही समझा ना … [Read more…]

Vital Stats of BBG in 2015

We had a great year in 2015 as we spread our wings all over the place. Here are some stats about our FB page. Daily Page Engaged Users – 54,11,118 Daily Total Reach – 7,19,01,228 Daily Total Impressions – 21,47,30,501 Top Five Posts   ज़िन्दगी तेरे गम ने हमेंरिश्ते नए समझाए Posted by Bhoole Bisre … [Read more…]

Poem: सब तिरंगे बेचते हैं

सब तिरंगे बेचते हैं आज देखा एक बच्ची को उस गली के मोड़ पे एक हाथ में चन्द सिक्के एक मैं कुछ दस तिरंगे चेहरे पर ना कोई शिकवा ना कोई खुशी का सुराग बस एक क्रम ज़िंदगी का जो बुझाये पेट की आग सब के है अपने तरीके और फिर देखा कहीं पे एक … [Read more…]

One night at Bangalore Airport

So travel always brings along experiences. Some good, some bad and some you just can’t figure out where to put them. So I landed today after a brief trip to Delhi. As I usually do on short trips, I drive to airport and park it there to avoid the taxi hassles. The only think I … [Read more…]

2nd anniversary of getting fired up

Yup. It is two years now. Precisely two years back I got fired from my own company – my Steve Jobs moment. The reason I write this is not to settle any scores or to vent out but I have realized over the years that this has helped lot of people to understand the startup … [Read more…]

Poem: ऊर्जा और परिभाषा

देखा है कभी सूरज को उगते हुए और डूबते हुए क्या फर्क होता है थोड़ा रौशनी का और बहुत कुछ   निकलता है सुबह सुबह एक जोश के साथ बहुत ऊर्जा लिए हुए सुबह का संचार करते हुए हर कण कण में एक स्वर्णिम चादर बिखेर तेता है प्रकृति के हर आयाम में प्राण भर … [Read more…]