Poem: मुझे गर्व है हिंदी पर

मुझे गर्व है हिंदी पर जो उर्दू को भी स्वीकार करती है और अंग्रेजी को भी कुछ बदल जाती है पर बहुत कुछ मिटता नहीं है कोई मिठास लाता है कोई नयी श्वास लाता है हिंदी भाषा में हर कोई एक नया आभास लाता है मुझे गर्व है हिंदी पर बिहार जाती है तो भोजपुरी … [Read more…]

State of SEO – Online Pharmacies

I was going through various online pharmacies and wondering where I should start my online journey of buying medicines but in the process I realized that many of them don’t have their SEO right. So let us go through a comparative study on SEO in this domain. I am analyzing only one type of page … [Read more…]

Poem: हम सब एक हैं

राजनीती कुछ और नहीं बस रेखाएं हैं कुछ समय पर और कुछ ज़मीन पर एक तरह से देखो तो पहचान देने का माध्यम दूसरी तरह से देखो तो विभाजित करने का माध्यम समय पर बनी रेखा कभी अहंकार से भर देती है ये काम हमारे पूर्वजों ने किसी और से पहले किया या कभी श्रेष्ठता … [Read more…]

Poem: ये सियासत भी

यहाँ सब पे इलज़ाम-ए-कौम-ए-बेवफाई है ये सियासत भी हमें कहाँ ले कर आई है सालों की दोस्तियां सियासती राय से टूटी जाती हैं ये सियासत भी हमें कहाँ ले कर आई है सदियों से रहे साथ उन को पाकिस्तान भेज देंगे ये सियासत भी हमें कहाँ ले कर आई है जिस को कहते हो मेरा … [Read more…]

Modi Hai toh Mumkin Hai – A Marketing Blunder

First Disclaimer : Before you jump on me this article is only about marketing aspects of the slogan. Second Disclaimer : Bad marketing does not mean that you will lose for sure. Sometimes money spent can compensate for bad quality of advertisement. Now let us come to the main issue. The first problem with this … [Read more…]

Poem: प्रयागराज

उत्तर प्रदेश में कानून का राज हो गया आखिर इलाहबाद अब प्रयागराज हो गया सालों से ना हुआ वो विकास आज हो गया आखिर इलाहबाद अब प्रयागराज हो गया गुंडों से भयमुक्त पूरा समाज हो गया आखिर इलाहबाद अब प्रयागराज हो गया देखो जंगल में भी राम राज हो गया आखिर इलाहबाद अब प्रयागराज हो गया